Wednesday, June 3, 2009

क्या करूँ...

खुशबू की तरह महकूँ या लोहे की तरह पिघलूं ?
चंदा की तरह चमकूँ या सूरज की तरह जलूं ?
लौ की तरह सुलगूँ या शोले की तरह दह्कूँ ?
हवा की तरह फैलूं या आंधी की तरह रोंदू ?
मेरे रब मुझे मेरी डगर दिखा .................
मई किताब पर बढूँ या आग पर फैलूं ?

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