वो चेहरे वो बातें क्यूँ भूलती नहीं ,
क्यूँ जिंदगी मेरी आगे बढती नही ।
इक बारिश में की prayer याद आ गई ,
फिर से वो यादें आज आंखों पर छा गईं । ।
कभी पढने कभी प्रैक्टिकल करने गए ,
कभी शोर्ट attendance पूरी करने गए ।
proxy में yes mam की आवाज याद आ गई ,
फिर से वो यादें आज आंखों पर छा गईं । ।
कभी इन्तजार किसी के आने का किया ,
कभी wait lunch का कभी छुट्टी का किया ।
छुट्टी में बजी घंटी की आवाज याद आ गई ,
फिर से वो यादें आज आंखों पर छा गईं । ।
वो english में सोना वो bonding समझना ,
वो mixture में चार - पाँच acids का मिलाना ।
आज hooting की फिर से आवाज याद आ गई ,
फिर से वो यादें आज आंखों पर छा गईं । ।
वो सीढ़ी पे बैठना वो ग्राउंड में खेलना ,
वो बंक मारना वो पेपर में जागना ।
टीचर के आने की आहट आज आ गई ,
फिर से वो यादें आज आंखों पर छा गईं । ।
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ReplyDeleteHi Atul,
ReplyDeleteIt's nice to see your blog. Whatever you have written it shows that you have a nice heart.Everybody doesn't feel this.
BEST OF LUCK
keep writing......